Ham Abstract

भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको)

एल्यूमिनियम सदन, कोर – 6, स्कोप कार्यालय परिसर, लोदी रोड, नई दिल्ली – 110003

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भविष्य के लीडर को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करना

हमारी पहल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास के माध्यम से छात्रों को सशक्त बनाने पर केंद्रित हैं। ‘प्रोजेक्ट कनेक्ट’ एवं ‘नंदघर’ के माध्यम से हम छात्रों को सहयोग, शिक्षकों को प्रशिक्षण और समुदाय में शिक्षा की भागीदारी को बढ़ावा दे रहे हैं।

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छात्र, वित्तवर्ष 2025 में लाभान्वित

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प्रशिक्षित सरकारी शिक्षक

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नंद घर विद्यालय

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बच्चे और माताएं लाभान्वित

ESR Education

बच्चों और माताओं को एक उज्जवल भविष्य के लिए सशक्त बनान

वेदांता ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) के साथ मिलकर ‘नंदघर’ पहल शुरू की है। इसका मकसद बेहतरीन करिकुलम (पाठ्यक्रम) के ज़रिए प्री-स्कूल शिक्षा को बेहतर बनाना है। इसमें इंटरैक्टिव लर्निंग, BALA (बिल्डिंग एज़ लर्निंग एड) पेंटिंग और डिजिटल लर्निंग का इस्तेमाल किया जाता है। इससे प्री-प्राइमरी शिक्षा का स्तर सुधरता है और बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता (कॉग्निटिव क्षमता) का विकास होता है। यह आधुनिक आंगनवाड़ी मॉडल ई-लर्निंग के लिए टीवी, पीने के साफ़ पानी और साफ़-सुथरे टॉयलेट जैसी सुविधाओं से लैस है। इससे बच्चों की उपस्थिति, सीखने की क्षमता और स्कूल के लिए तैयारी में काफ़ी सुधार हुआ है।

इस साल छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में 111 नंदघर खोले गए, जिनसे 7000 से ज़्यादा बच्चों और माताओं को फ़ायदा हुआ। नंदघर प्री-स्कूल शिक्षा और माँ व बच्चे की सेहत की देखभाल के केंद्र बन गए हैं। यहाँ 222 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ‘अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन’ (ECCE) की ट्रेनिंग दी गई और माता-पिता को बच्चों के शुरुआती विकास के तरीकों के बारे में बताया गया। यह देखभाल करने वालों को पौष्टिक खाना पकाने के तरीकों और कुपोषण से बचने के लिए पोषण के महत्व के बारे में भी शिक्षित कर रहा है। पौष्टिक खाने के लिए किचन गार्डन बनाए गए हैं और सेहत के माहौल व पोषण के महत्व को बढ़ाने के लिए मौसमी बीमारियों पर हेल्थ टॉक (स्वास्थ्य चर्चा) आयोजित की गई हैं। सरकारी योजनाओं से जोड़ने और सरकारी तालमेल व समुदाय के योगदान का फ़ायदा उठाकर समुदाय की भागीदारी (ओनरशिप) बढ़ाने का काम किया गया है।

यह प्रोजेक्ट अभी ‘सोशल रिवाइवल ग्रुप ऑफ़ अर्बन रूरल एंड ट्राइबल’ (SROUT) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है।

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चेयरमैन का संदेश

हमारी प्रमुख परियोजना नंद घर के माध्यम से हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाल कुपोषण उन्मूलन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास के जरिए सशक्त बनाने के लिए दृढ़ प्रतिबद्ध हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि नंद घर जमीनी स्तर पर माँ और बच्चे के लिए एक बेहतर कल का निर्माण करता रहेगा।

अनिल अग्रवाल

चेयरमैन, वेदांता लिमिटेड
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उज्जवल भविष्य के लिए अवसरों के द्वार खोलना

आज की दुनिया में शिक्षा एक शक्तिशाली साधन है, जो व्यक्तियों को समाज में योगदान देने, अपने सपनों को साकार करने और एक बेहतर भविष्य बनाने का अवसर प्रदान करता है। इसी सोच को साकार करने के लिए, 2016 में प्रोजेक्ट कनेक्ट की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य छात्रों को शिक्षा से जोड़ना है और साथ ही बालको के कर्मचारियों को स्वयंसेवी कार्यों के माध्यम से समुदायों से जुड़ने का अवसर प्रदान करना है, जो बालको के मूल मूल्यों के अनुरूप है।

छात्रों और शिक्षकों के अनुपात में असंतुलन के कारण शुरुआती स्तर पर स्पष्ट समझ का अभाव देखने को मिलता है, जिससे विज्ञान, अंग्रेज़ी, गणित और लेखांकन (सेमा) जैसे विषयों को समझना छात्रों के लिए कठिन हो जाता है। In FY’25, we supported 2550 students from grades 6th -12th through regular classes in government schools and remedial centres, to enhance Foundational Literacy and Numeracy (6th-8th) and need based classes for 9th to 12th grades in subjects like Science, English, Mathematics and Accountancy. Project connect focuses on these subjects for government school students from grade 9-12, reducing the rate at which students withdraw from schools.

प्रयोगात्मक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में हमने विज्ञान प्रदर्शनियों का आयोजन किया।ग्रीष्मकालीन शिविरों के माध्यम से छात्रों की सह-पाठ्यक्रमीय क्षमताओं को विकसित किया गया, जबकि शीतकालीन शिविरों में बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। साथ ही, आत्म-अध्ययन और आत्ममूल्यांकन को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष वर्कशीट्स का निर्माण किया गया।

छात्रों को सही दिशा में मार्गदर्शन देने के लिए करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किए गए, जिससे वे अपने शैक्षणिक और करियर से जुड़े फैसले आत्मविश्वास के साथ ले सकें। साथ ही शिक्षकों की भूमिका को और प्रभावशाली बनाने हेतु आधुनिक, छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों पर आधारित क्षमता-विकास कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं।

कम्युनिटी कनेक्ट’ पहल के अंतर्गत, हमने अभिभावकों, शिक्षकों और पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की, जिससे स्कूल छोड़ चुके बच्चों के पुनः नामांकन में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई। ड्रॉपआउट युवाओं को अध्ययन सामग्री वितरित कर शिक्षा के प्रति उनकी रुचि को पुनर्जीवित किया गया। हमारी कर्मचारी स्वयंसेवा पहल ‘शिक्षा सहयोगी’ के अंतर्गत बालको के कर्मचारियों ने इन बच्चों की शिक्षा को नया अवसर देने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की।

यह परियोजना Vidya Bhawan Society के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है।

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