समुदाय में खेलों का समर्थन कर शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना
वेदांता बालको खेलों को व्यक्तित्व और समुदाय विकास के एक शक्तिशाली साधन के रूप में मानता है। खेल शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारने के साथ-साथ टीमवर्क, अनुशासन और नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण गुणों को भी प्रोत्साहित करते हैं। हमारी खेल संबंधी पहलों का उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहाँ वे सहभागिता करें, सीखें और प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ आगे बढ़ें।
0
बालको की खेल यात्रा की शुरुआत हुई
0
खेल किट वितरण के माध्यम से लाभान्वित
0
खेलों को सहयोग
क्रिकेट
बैडमिंटन
हॉकी
फुटबॉल
वॉलीबॉल
बास्केटबॉल
युवाओं की भागीदारी और टीम भावना की झलकियाँ
वित्त वर्ष 2024 में बालको ने 20 समुदाय में क्रिकेट, बैडमिंटन, हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसे खेलों के लिए खेल किट्स वितरित किए। इस पहल ने स्थानीय युवाओं और खेल समूह में उत्साह जगाया, जिसके परिणामस्वरूप कई समुदाय में खेल समितियों का गठन हुआ। ये समितियाँ अब स्वयं खेल संसाधनों का प्रबंधन कर रही हैं, जिससे जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना को बढ़ावा मिल रहा है। आवश्यक संसाधन और आत्म-प्रबंधन की क्षमता देकर हमने खेल भावना को प्रोत्साहित किया है, जो प्रतिभाओं को निखारने में सहायक तथा सामुदायिक जुड़ाव और खेल संस्कृति को भी मजबूती प्रदान करता है।
बालको तीरंदाजी कार्यक्रम – लक्ष्य वेध
खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से बालको ने ‘लक्ष्य वेध’ तीरंदाजी कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह पहल युवाओं में खेल प्रतिभा को विकसित करने और उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
वित्त वर्ष 2026 के दौरान 29 स्कूलों में तीरंदाजी चयन शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 1,200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रारंभिक चयन प्रक्रिया के बाद 288 विद्यार्थियों ने उन्नत परीक्षणों के लिए योग्यता प्राप्त की। इनमें से सर्वश्रेष्ठ 70 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए किया गया।
इस पहल के माध्यम से बालको ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की उभरती खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रहा है।
कोसा सिल्क
छत्तीसगढ़ की समृद्ध पारंपरिक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालको ने कोसा सिल्क पहल की शुरुआत की है। यह एक आजीविका आधारित पहल है, जिसका उद्देश्य कोसा सिल्क से जुड़े कारीगरों को कौशल विकास बाजार से जुड़ाव और ब्रांड निर्माण के माध्यम से सशक्त बनाना है।
इस पहल के अंतर्गत ढंगांव में एक कोसा बुनाई प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया, जहां 20 महिला बुनकरों को उन्नत कोसा सिल्क, बुनाई का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कोसा उत्पादों को पहचान और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘कोसाकारी (KosaKari)’ ब्रांड की शुरुआत की गई। साथ ही डिजिटल मंच KosaKari के माध्यम से कोसा उत्पादों की पहुंच को बढ़ाने और कारीगरों के लिए स्थायी आय के अवसर सृजित करने का प्रयास किया जा रहा है।
यह पहल पारंपरिक हस्तशिल्प को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं और कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।