सुलभ, समावेशी और विशेष स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जीवन में बदलाव
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जीवन तक पहुंच
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कुपोषित बच्चों का इलाज
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लोग मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से लाभान्वित
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कैंसर रोगियों का इलाज
स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाना
आरोग्य बालको की एक समग्र स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस परियोजना के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण एवं एनीमिया में कमी, एचआईवी एवं टीबी जागरूकता तथा नशामुक्ति कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। वित्त वर्ष 2026 के दौरान इस कार्यक्रम से 93,000 से अधिक लोगों को लाभ मिला।
कुपोषण को कम करने के लिए बच्चों की पहचान कर आवश्यक उपचार और परामर्श प्रदान किया जाता है। इसके अंतर्गत पॉजिटिव डेविएंस (पीडी) सत्र, पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में रेफरल, माताओं को पौष्टिक भोजन बनाने का प्रशिक्षण तथा आंगनवाड़ी और घरों में पोषण बाड़ी का विकास किया जाता है।
वित्त वर्ष 2026 में 5,000 से अधिक माताओं को शिशु देखभाल एवं पोषण संबंधी प्रशिक्षण दिया गया तथा 900 से अधिक कुपोषित बच्चों तक सहायता पहुंचाया। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषण की श्रेणी से बाहर आए।
गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं में एनीमिया की रोकथाम के लिए नियमित जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं। महिलाओं को आयरन युक्त भोजन और आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) के महत्व के बारे में जानकारी दी जाती है। घर-घर जाकर फॉलो-अप के माध्यम से स्वस्थ गर्भावस्था और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा दिया जाता है।
इसके साथ ही ‘नवा पहुना गोठ’ पहल के माध्यम से नवविवाहित दंपतियों को परिवार नियोजन और गर्भधारण पूर्व देखभाल के बारे में मार्गदर्शन दिया जाता है।
एचआईवी और टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाए जाते हैं। युवाओं को परिवर्तन के वाहक के रूप में तैयार कर युवा चौपालों का आयोजन किया जाता है। स्कूलों और समुदाय में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से वर्ष भर में 35,000 से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाया गया।
टीबी की पहचान और उपचार के लिए 97 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से 27,000 से अधिक लोगों को जागरूक किया गया। निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत 17 टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की गई।
नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए स्कूलों और समुदाय में विशेष अभियान चलाए गए, जिनसे 5,000 से अधिक युवाओं को लाभ मिला। नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए 27 सामुदायिक कार्य समूहों का गठन किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए महिला आरोग्य समिति तथा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों को पुनर्जीवित और प्रशिक्षित किया गया। इस पहल के अंतर्गत 600 से अधिक जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को क्षमता विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
यह परियोजना वर्तमान में सोशल रिवाइवल ग्रुप ऑफ अर्बन, रूरल एंड ट्राइबल (श्रोत) के सहयोग से संचालित की जा रही है।
सक्रिय स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता के माध्यम से समुदायों को सशक्त बना रहे हैं
दूरदराज़ क्षेत्रों में भी हर मरीज को प्रभावी देखभाल प्रदान करना।
लक्ष्य आधारित हस्तक्षेप कुपोषित बच्चों को राहत
मातृ एनीमिया को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया।
उपचार आपके द्वार
बालको की मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। दो मोबाइल हेल्थ वैन आसपास के 70 समुदाय में नियमित रूप से पहुंचकर लोगों को उनके घर के निकट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।
वित्त वर्ष 2026 में 26,500 से अधिक लोगों ने मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। प्रमुख सेवाएं नियमित स्वास्थ्य जांच एवं उपचार
मल्टीस्पेशलिटी स्वास्थ्य शिविर, स्कूलों और नंद घरों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम कैंसर, टीबी, मलेरिया, टीकाकरण एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता, वरिष्ठ नागरिकों को वॉकिंग स्टिक, व्हीलचेयर, ट्राइपॉड और चश्मों जैसी सहायक सामग्री उपलब्ध कराना, उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं.
मोबाइल हेल्थ वैन में फिजियोथेरेपी सेवाएं और प्रयोगशाला जांच सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इसके माध्यम से 40 से अधिक आवश्यक जांचें और मौके पर फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
यह कार्यक्रम हेल्पएज इंडिया के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं से
दो मोबाइल वैन के माध्यम से
वितरित किए गए
मानसिक स्वास्थ्य में प्रशिक्षित
माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन
यह पहल सार्थक जन विकास संस्थान (एसजेवीएस) के से सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है।
माहवारी स्वास्थ्य हमारे समाज में अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है और इसके बारे में कई भ्रांतियाँ प्रचलित हैं। हालांकि, इसे सही तरीके से संबोधित करना महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ‘नयी किरण’ परियोजना का उद्देश्य माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को समाप्त करना, स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देना और माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन (एमएचएम) के विभिन्न विकल्पों के बारे में जागरूकता फैलाना है। इसके अलावा, यह पहल स्कूलों और समुदायों में एमएचएम-अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी ध्यान केंद्रित करती है जिससे सभी के लिए सुरक्षित स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।
वित्त वर्ष 2025 के दौरान इस परियोजना ने जागरूकता अभियान और क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से 70,000 से अधिक व्यक्तियों तक पहुँच बनाई, जिनमें महिलाएं, पुरुष और किशोरियाँ शामिल हैं। इस परियोजना ने कोरबा जिले के सभी पांच ब्लॉकों में अपनी पहुँच का विस्तार सफलतापूर्वक किया।
स्कूलों में एमएचएम-अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने के लिए हमने कोरबा जिले के 106 सरकारी, उच्चतर माध्यमिक और उच्च विद्यालयों में माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन पर सत्र आयोजित किए। इस पहल ने 18,000 से अधिक किशोरों को जागरूक तथा 70 से अधिक शिक्षकों को ‘एमएचएम साथी’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया जिससे स्कूलों में एक सहायक और जानकारीपूर्ण वातावरण तैयार किया जा सके।
हमने 100 से अधिक दिव्यांग किशोरों और देखभाल करने वालों के लिए विशेष माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन (एमएचएम) सत्र और कार्यशालाएँ आयोजित की। साथ ही हमने ब्रेल और टेराकोटा मॉड्यूल विकसित किए जिससे जानकारी की पहुँच सुनिश्चित हो सके और निरंतर शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। हमने विशेष रूप से सक्षम प्रतिभागियों के साथ पहले रियूज़ेबल कपड़े के पैड सिलाई कार्यशाला का आयोजन किया, जो सुरक्षित माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन विकल्प प्रदान करने, निर्भरता को कम करने और समावेशिता को बढ़ावा देने में मदद करता है।
स्थायी और किफायती माहवारी स्वच्छता समाधान प्रदान करने के लिए हमने सूचित चुनावों और पर्यावरण मित्र विकल्पों जैसे कि रियूज़ेबल कपड़े के पैड के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया। ‘स्टीच माय ओन पैड कैम्पेन’ के माध्यम से हमने 3,900 से अधिक महिलाओं, किशोरियों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को रियूज़ेबल कपड़े के पैड के फायदों और उनके स्वच्छ उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया। इसके अतिरिक्त हमने 1,300 से अधिक लड़कों को भी प्रशिक्षित किया जिससे माहवारी स्वास्थ्य के लिए एक समावेशी और सहायक वातावरण को बढ़ावा दिया जा सके।
समुदाय की स्वच्छता और सैनिटेशन को बढ़ावा देना एक स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमने नगरपालिका निगम विभाग के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान (स्वच्छता महोत्सव) का आयोजन किया, जिसमें 5,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें किशोरियाँ, लड़के, महिलाएं, शिक्षक, पंचायत सदस्य और स्थानीय निवासी शामिल थे। इन अभियानों का उद्देश्य स्थायी कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना और स्वच्छता पहलों के प्रति समुदाय की जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करना था।
स्थायी और प्रभावी बदलाव सुनिश्चित करने के लिए, हमने 200 से अधिक फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा) को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया। इन प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं ने 5,000 से अधिक किशोरियों और महिलाओं तक अपनी पहुंच बनाई और समुदायों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित किया। इस पहल ने बदलाव को जड़ों तक पहुँचाने और उसे स्थिर बनाने का कार्य किया।
माहवारी से जुड़ी कुप्रथाओं एवं भ्रातियों को खत्म करने के लिए समुदाय को जागरूक किया
कोरबा ज़िले के सरकारी विद्यालयों में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम)पर जागरूकता सत्र का आयोजन
महिलाओं और लड़कियों को माहवारी स्वच्छता समाधान से सशक्त बनाना
माहवारी स्वास्थ्य जागरूकता के लिए स्थानीय नेतृत्वकर्ताओं को सशक्त बनाना
उन्नत कैंसर देखभाल प्रदान कर, उपचार की पहुंच को हर क्षेत्र तक बढ़ाना
बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी), नया रायपुर स्थित 170 बेड वाला अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल है। यह वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन (वीएमआरएफ) की प्रमुख स्वास्थ्य पहल है और आज देश के अग्रणी कैंसर उपचार संस्थानों में अपनी पहचान बना रहा है।
अस्पताल में उन्नत रेडिएशन थेरेपी, ब्रैकीथेरेपी, न्यूक्लियर मेडिसिन, सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, रक्त संबंधी रोगों का उपचार, प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण सर्जरी तथा दर्द एवं प्रशामक देखभाल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही मरीजों के मानसिक, पोषण एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
वित्त वर्ष 2025 में अस्पताल में 83,329 ओपीडी विजिट दर्ज की गईं तथा 13,261 मरीजों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
बीएमसी ने रायपुर शहर के मध्य में एक आधुनिक डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर की स्थापना की है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उपचार में देरी नहीं होगी। यह सुविधा मरीजों को उनके घर के नजदीक ही कीमोथेरेपी उपलब्ध कराती है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है।
अस्पताल ने एक मोबाइल कैंसर जांच वैन की भी शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य कैंसर की समय पर पहचान कर बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करना है। यह वैन ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच कर लोगों को मुफ्त जांच और परामर्श प्रदान करती है।
इसके अतिरिक्त यह केंद्र विभिन्न स्वास्थ्य शिविर, जनजागरूकता कार्यक्रम, जांच सेवाएं तथा सरकारी योजनाओं के सहयोग से सभी के लिए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।
बीएमसी ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का विस्तार कर अब इसे 5 बेड तक कर दिया गया है, जिससे अधिक मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल उपलब्ध कराई जा सके। मरीजों की सुरक्षा और उपचार की मानक प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए इस इकाई में कड़े गुणवत्ता नियंत्रण प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।
एंडोस्कोपी सुइट का शुभारंभ किया गया है, जिसमें एंडोस्कोपी, ब्रोंकोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी और ईआरसीपी जैसी सभी प्रमुख जांच सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस आधुनिक सुइट की स्थापना का उद्देश्य मरीजों को एक ही छत के नीचे समग्र व सुविधाजनक डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करना है, जिससे समय की बचत हो और उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके।
वर्ष के दौरान 115 से अधिक स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 18,000 से अधिक लोग लाभान्वित हुए। इनमें 421 मैमोग्राफी और 498 पैप स्मीयर जांचें शामिल थीं।
मरीजों और उनके परिजनों के लिए मात्र 25 रूपये प्रतिदिन की दर पर सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्ष के दौरान 9,390 मरीजों और 11,308 परिजनों ने इसका लाभ उठाया।
कैंसर उपचार के दौरान बेहतर पोषण सुनिश्चित करने के लिए 7,616 से अधिक उच्च प्रोटीन आहार प्लेटें मरीजों को प्रदान की गईं।
रोगियों के उपचार में पोषण की भूमिका को समझते हुए, बीएससी ने कीमोथेरेपी प्राप्त कर रहे सभी मरीजों को स्वस्थ पुनःस्वस्थ होने में सहयोग देने के लिए लगभग 7,616 बार उच्च प्रोटीन युक्त आहार वितरित किया। इसमें बादाम, खजूर, केले, मल्टी-मिलेट न्यूट्री बार और थ्रेप्टिन बिस्किट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल थे।
रायपुर शहर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सुख सराय तक निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्ष के दौरान 7,100 से अधिक लोगों ने इसका लाभ उठाया।
कैंसर मरीजों और उनके परिवारों के लिए ‘समर्थ’ सहायता समूह का संचालन किया जाता है, जहां अनुभव साझा करने, भावनात्मक सहयोग और स्तन कैंसर जागरूकता से संबंधित सत्र आयोजित किए जाते हैं।
मरीजों और उनके परिजनों के लिए प्रत्येक सप्ताह निःशुल्क योग सत्र आयोजित किए जाते हैं। वर्ष के दौरान 48 योग सत्र आयोजित किए गए।
गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले मरीजों के लिए उपचार एवं जांच संबंधी खर्चों में सहायता प्रदान की गई। इस पहल के अंतर्गत ₹1.8 करोड़ की सहायता से 1,400 से अधिक मरीजों को लाभ मिला।
कई राज्यों के हज़ारों लोगों को बेहतर कैंसर उपचार सेवाएं प्रदान की गईं।
पोषण आधारित सहायता के माध्यम से रिकवरी को बढ़ावा दिया गया।
जागरूकता, जांच और परामर्श के माध्यम से समुदाय तक पहुंच।
मरीजों और देखभाल करने वालों के लिए किफायती आवास सुविधा प्रदान करना।
वित्त वर्ष 2025 में उपलब्धियां:
- छत्तीसगढ़ का एकमात्र केंद्र जहां कार्ट-टी सेल थेरेपी उपलब्ध है।
- एनएबीएच गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा में एनएबीएच के 5वें संस्करण के मानकों के अनुसार मान्यता प्राप्त
- कैंसर ग्रांड चैलेंजेस अवार्ड प्राप्त करने वाला भारत का पहला और एकमात्र संस्थान।
- इकोनॉमिक टाइम्स हेल्थकेयर अवॉर्ड्स 2024 में कैंसर उपचार के क्षेत्र में पूर्वी भारत के सर्वश्रेष्ठ अस्पताल का सम्मान मिला।
- छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट, जहां 100 से अधिक सफल प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं।
- मेडिकल एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी तथा रेडिएशन ऑन्कोलॉजी में उच्च शिक्षा कार्यक्रम संचालित।
- वंचित कैंसर मरीजों के लिए पुनर्निर्माण सर्जरी सहायता हेतु नर्गिस दत्त फाउंडेशन के साथ साझेदारी।
- अस्पताल की प्रमुख सेवाओं का डिजिटलीकरण कर मरीजों को अधिक तेज और बेहतर सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
































